बलरामपुर। अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में फर्जी पैनल के आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति का मामला उजागर हुआ है। सतर्कता अधिष्ठान प्रयागराज सेक्टर ने इस मामले में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के पूर्व उपसचिव नवल किशोर, तीन जिला विद्यालय निरीक्षकों और अन्य अधिकारियों समेत कुल 48 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
एफआईआर के मुताबिक, इनमें से 17 आरोपी बलरामपुर जनपद से हैं। आरोप है कि फर्जी नियुक्तियों के माध्यम से वेतन के नाम पर लाखों रुपये का सरकारी धन दुरुपयोग किया गया।
बलरामपुर के आरोपी प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों में उतरौला भारतीया इंटर कॉलेज की प्रबंधक विमला त्रिपाठी और प्रधानाचार्य कुमेश कुमार सरोज, रेहरा बाजार बीपीएस इंटर कॉलेज के प्रबंधक नित्यानंद शुक्ला और प्रधानाचार्य ओम प्रकाश, डीएवी इंटर कॉलेज के प्रबंधक संजय तिवारी और प्रधानाचार्य हरि प्रकाश वर्मा, तुलसीपुर स्वतंत्र भारत इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य राधेश्याम पांडेय, एमपीपी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य गुरु प्रसाद तिवारी, मथुरा बाजार रामशंकर भारती इंटर कॉलेज के प्रबंधक अतुल कुमार सिंह और प्रधानाचार्य मनीराम तिवारी, पचपेड़वा लोकमान्य तिलक इंटर कॉलेज के प्रबंधक शकील अहमद और प्रधानाचार्य राजेश कुमार सिंह, तुलसीपुर बसंत लाल इंटर कॉलेज के प्रबंधक सलिल सिंह उर्फ टीटू और प्रधानाचार्य अशोक पांडेय शामिल हैं।
इसके अलावा, बलरामपुर के जिला गन्ना अधिकारी रंजीत सिंह कुशवाहा और अन्य अधिकारियों पर भी केस दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं में मुकदमा चलाया जाएगा।




