बलरामपुर खबर सोमवार को बलरामपुर में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के शिक्षकों ने सुप्रीम कोर्ट के नए फैसले का विरोध किया। जिला अध्यक्ष विकास कांत पांडेय के नेतृत्व में शिक्षकों ने एडीएम को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर 2025 को आदेश दिया है कि अब सभी शिक्षकों को टीईटी परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा। यह नियम उनकी नौकरी की नियुक्ति तिथि से नहीं, बल्कि सभी पर लागू होगा।
शिक्षकों का कहना है कि यह फैसला गलत है, क्योंकि शिक्षा का अधिकार कानून 2009 और 23 अगस्त 2010 की एनसीटीई अधिसूचना के अनुसार 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट मिली हुई थी। केवल 2010 के बाद नियुक्त शिक्षकों को ही तय समय में टीईटी पास करना जरूरी था।
महासंघ का कहना है कि इस फैसले से 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों की नौकरी पर खतरा आ गया है और उनमें डर व असमंजस का माहौल है। उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की है कि यह नियम सिर्फ नए शिक्षकों पर लागू हो, और पुराने शिक्षकों की नौकरी व सम्मान सुरक्षित रखने के लिए कदम उठाए जाएं।




