बलरामपुर में 21 वर्षीय दिव्यांग युवती से गैंगरेप के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों — हर्षित पांडे और अंकुर वर्मा — को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। दोनों ने युवती को मोटरसाइकिल पर लिफ्ट देने के बहाने अगवा कर सुनसान स्थान पर ले जाकर वारदात को अंजाम दिया।
लिफ्ट का बहाना बनाकर ले गए सुनसान जगह
पुलिस के अनुसार, पीड़िता देहात कोतवाली थाना क्षेत्र की रहने वाली है और सुन व बोल नहीं पाती है। आरोपी हर्षित और अंकुर, पीड़िता के घर से करीब 300 मीटर दूर कुकुरभुकवा में रहते हैं। घटना वाली रात दोनों ने शराब खरीदकर सरजूनहर पर पी और बहादुरापुर की ओर जाते समय उन्हें युवती अकेली पैदल जाती दिखी। लिफ्ट देने का बहाना बनाकर उसे मोटरसाइकिल पर बैठाया और FCI गोदाम के पीछे श्मशान घाट के कमरे में ले जाकर गैंगरेप किया।
वारदात के बाद युवती को रेन्जरी के पास छोड़कर दोनों फरार हो गए।
सीसीटीवी में कैद हुई पीड़िता, मुठभेड़ में दबोचे गए आरोपी
मंगलवार को सामने आए सीसीटीवी फुटेज में युवती भागती हुई दिखाई दी, जो एसपी आवास के पास लगे कैमरे में रिकॉर्ड हुई थी। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी नेपाल भागने की फिराक में हैं। ग्राम शंकरपुर के पास घेराबंदी के दौरान आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में हर्षित के पैर में गोली लगी, जबकि अंकुर भागते समय 20 मीटर नीचे गिरकर घायल हो गया।

पुलिस ने मौके से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, देसी तमंचा, जिंदा कारतूस और खोखा बरामद किया। पूछताछ में दोनों ने वारदात की स्वीकारोक्ति की।
परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए
घटना वाली जगह पर डीएम, एसपी और जज जैसे बड़े अधिकारियों के आवास होने के बावजूद इस वारदात के दौरान किसी ने भी युवती को भागते हुए नहीं देखा। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने गुमशुदगी की सूचना मिलने के बाद भी तत्परता नहीं दिखाई। जांच में बहादुरापुर पुलिस चौकी के CCTV कैमरे भी खराब मिले।
युवती फिलहाल अस्पताल में भर्ती है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को इलाज के बाद जेल भेज दिया है।




