बलरामपुर। थाना हरैया क्षेत्र में तैनात लेखपाल मिथुन चक्रवर्ती एक बार फिर विवादों में हैं। ग्राम सभा उदईपुर में पैमाइश के नाम पर रुपये वसूलने के दो मामलों में उनके खिलाफ जांच चल रही है। आरोप है कि उन्होंने अलग-अलग लोगों से रिश्वत की मांग की और राशि लेने के बाद भी काम नहीं किया।
पहला मामला तब सामने आया जब एक युवक ने आरोप लगाया कि लेखपाल ने पैमाइश करने के नाम पर गाड़ी में तेल डलवाने के लिए 1,000 रुपये मांगे। इस बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और जांच के आदेश दिए गए।
इसी बीच, गांव के ही निवासी अवध बिहारी ने उप जिलाधिकारी बलरामपुर को तहरीर देकर शिकायत की कि लेखपाल ने उनसे पैमाइश कराने के लिए 10,000 रुपये की रिश्वत मांगी। पीड़ित के अनुसार, उसने 5,000 रुपये नकद और 1,000 रुपये पेट्रोल के लिए दिए, लेकिन पैमाइश अब तक नहीं हुई। अवध बिहारी का कहना है कि शिकायत किए हुए दो सप्ताह हो चुके हैं, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि संबंधित अधिकारी आरोपी को बचाने की कोशिश कर रहे हैं और लेखपाल खुलेआम घूम रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर न्याय नहीं मिला तो वह मामला कमिश्नर और मुख्यमंत्री तक ले जाएंगे।
स्थानीय लोगों का भी कहना है कि मिथुन चक्रवर्ती क्षेत्र के सबसे भ्रष्ट लेखपालों में गिने जाते हैं। उन पर पहले भी कई बार भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं, लेकिन कार्रवाई न होने से उनका मनोबल बढ़ा हुआ है।
इस मामले पर उप जिलाधिकारी बलरामपुर हेमंत गुप्ता का कहना है कि दोनों मामलों में अलग-अलग जांच की जा रही है। पहला मामला वायरल वीडियो से जुड़ा है, जबकि दूसरा शिकायत पत्र से संबंधित है। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।




